“भारत के तेल मंत्री ऊर्जा सम्मेलन में बोलते हुए, पीछे तेल के ड्रम और भारत-रूस के झंडे — वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और रणनीति को दर्शाता दृश्य।”

अगर रूस से तेल आयात पर प्रतिबंध लगा तो भी भारत सुरक्षित: हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यदि रूस से तेल आपूर्ति पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाया जाता है, तो भी भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा कर सकता है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि अगर अमेरिका की तरफ से रूस के तेल निर्यात पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो भी भारत अपनी तेल आवश्यकताओं को दूसरे विकल्पों से पूरा कर सकता है

उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर रूस 50 दिनों के भीतर यूक्रेन से शांति समझौता नहीं करता, तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

NATO प्रमुख की चेतावनी पर भारत का जवाब

NATO महासचिव मार्क रूटे ने पहले ही कहा था कि भारत जैसे देश अगर रूस से व्यापार जारी रखते हैं, तो उन्हें भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

पुरी ने Reuters को बताया:

“भारत के पास अब कई विकल्प हैं — जैसे गयाना, ब्राज़ील और कनाडा से आने वाली आपूर्ति।”

पुरी ने कहा कि देश में तेल उत्पादन और खोज गतिविधियों में भी तेजी लाई जा रही है।

“मैं बिल्कुल चिंतित नहीं हूं। अगर कुछ होता है, तो हम उसका समाधान निकाल लेंगे,”
— हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम मंत्री

भारत ने कितने देशों से तेल आयात बढ़ाया?

पुरी ने बताया कि पहले भारत केवल 27 देशों से तेल खरीदता था, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 40 देशों तक पहुंच गया है।

विदेश मंत्रालय का बयान:

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा:

“भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह निर्णय बाज़ार की स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं। हम इस मामले में किसी भी दोहरी नीति के खिलाफ विशेष चेतावनी देना चाहेंगे।”

रूस अब भी भारत का शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता

  • साल 2025 की पहली छमाही में भारत द्वारा रूस से तेल आयात में मामूली वृद्धि देखी गई है।
  • निजी कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी रूस से कुल आयात का लगभग 50% हिस्सा खरीद रही हैं।
  • रूस इस समय भारत को कुल आपूर्ति का 35% प्रदान कर रहा है, इसके बाद इराक, सऊदी अरब और यूएई हैं।

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