झुंझुनू जिले के मेहरादासी गाँव में आज एक ऐतिहासिक और भावुक पल सामने आया, जब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह अपनी पत्नी सरिता सिंह के साथ शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा (ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद) के परिवार से मिलने पहुँचे।
आज दोपहर, वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह झुंझुनू एयरपोर्ट पर विशेष सैन्य विमान से उतरे। वहाँ से वे रोड के माध्यम से मेहरादासी गाँव पहुँचे, जहाँ स्थानीय अधिकारियों, प्रशासन और सैन्य अधिकारियों का उनका स्वागत किया गया।
उन्होंने सुरेंद्र के परिवार—माँ नानू देवी, पत्नी वीरांगना सीमा देवी, बेटी वृतिक (Vritika) और पुत्र दक्ष (Daksh)—से मुलाकात की। एयर चीफ मार्शल ने परिवार को सांत्वना दी और कहा, “आपका यह बलिदान हमारे लिए गर्व का विषय है। वायुसेना हमेशा आपके साथ है।”
इस शुभ अवसर पर उन्होंने शहीद के फोटो पर पुष्प अर्पित किए, स्कूल को उनके नाम पर नामित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, और परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही शहीद का ‘बेटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट’ जल्द जारी करने का वचन भी दिया गया।
वायुसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह भी साझा किया कि झुंझुनू में 21,700 से अधिक पूर्व सैनिक और 3,552 वर्तमान वायु योद्धा हैं—a क्षेत्र की सैन्य सेवा की गौरवशाली परंपरा को दर्शाते हुए।
- सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश — यह मुलाकात शहीदों और उनके परिवारों के प्रति देश और सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- स्थानीय समुदाय का गौरव — झुंझुनू जिले की सैन्य सेवा की परंपरा को रेखांकित करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
- सशक्त समर्थन और कल्याण — परिवार को दी जाने वाली सहायता और सम्मान उनकी वंशानुक्रमिक muist रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य जानकारी
- अधिकारी: एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह
- स्थान: मेहरादासी गाँव, झुंझुनू जिला
- शहीद: सार्जेंट सुरेंद्र मोगा (ऑपरेशन सिंदूर में शहीद)
- परिवार से मुलाकात: माँ नानू देवी, पत्नी वीराांगना सीमा देवी, बच्चे वृतिक और दक्ष
- मुख्य वचन: “वायुसेना हमेशा आपके साथ है,” शहीद के नाम पर स्कूल नामकरण, परिवार सहायता सुनिश्चित
यह मुलाकात केवल एक अनौपचारिक श्रद्धांजलि नहीं थी—यह वायुसेना की उस परंपरा का हिस्सा है जो शहीदों के प्रति गहन संवेदना और सम्मान को बनाए रखती है। झुंझुनू की सैन्य सेवा विरासत और परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।



