गूगल अपने AI चैटबॉट Google Gemini में बड़े बदलाव करने जा रहा है, जिससे यूजर्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और सुरक्षित चैटिंग अनुभव मिलेगा। कंपनी ने तीन नए फीचर्स की घोषणा की है – Temporary Chat, Keep Activity, और Gemini Audio/Live Recordings Control। ये अपडेट आने वाले दिनों में सभी यूजर्स तक पहुंचेंगे।
Temporary Chat – चैट हिस्ट्री सेव किए बिना बातचीत
नए Temporary Chat फीचर में आप ऐसी चैट कर पाएंगे जो आपकी हिस्ट्री में सेव नहीं होगी और न ही AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होगी।
- यह चैट Recent Chat या Gemini Apps Activity में नहीं दिखेगी।
- 72 घंटे के बाद यह चैट ऑटो-डिलीट हो जाएगी।
- यह फीचर निजी या संवेदनशील बातचीत के लिए खासतौर पर उपयोगी है।
Keep Activity – पुरानी चैट और अपलोड्स का मैनेजमेंट
Google अब Gemini Apps Activity का नाम बदलकर Keep Activity कर रहा है।
- अगर यह चालू है, तो आप अपनी पुरानी चैट्स और अपलोड्स (फाइलें, फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट) देख पाएंगे और वहीं से बातचीत जारी रख पाएंगे।
- 2 सितंबर से, अपलोड किए गए डेटा का कुछ हिस्सा Google सेवाओं को बेहतर बनाने में इस्तेमाल हो सकता है।
- आप किसी भी समय Keep Activity को बंद या डेटा डिलीट कर सकते हैं।
Gemini Audio और Live Recordings कंट्रोल
अब यूजर्स तय कर सकेंगे कि उनका Gemini Audio और Gemini Live Recordings Google द्वारा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल हो या नहीं।
- Gemini Audio: माइक्रोफोन बटन दबाकर रिकॉर्ड की गई आवाज।
- Gemini Live Recordings: इसमें ऑडियो, वीडियो और स्क्रीनशेयर शामिल होंगे।
- यह सेटिंग डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहेगी और केवल आपकी अनुमति पर चालू होगी।
Google का कहना है कि जब भी आपके डेटा का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग या सर्विस इम्प्रूवमेंट के लिए होगा, तो उसे आपके अकाउंट से अलग करके सुरक्षित रखा जाएगा। कंपनी मजबूत डेटा सुरक्षा तकनीक और आसान कंट्रोल टूल्स देने का वादा कर रही है।
ये अपडेट खासकर उन यूजर्स के लिए अहम हैं जो AI चैटबॉट का इस्तेमाल करते हुए अपनी प्राइवेसी और डेटा कंट्रोल को लेकर सजग रहते हैं।






